दलहन क्षेत्र में कृषक महिलाओं की भूमिका

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लेखक

  • उमा साह भाकृअनुप-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर
  • जीतेन्द्र ओझा भाकृअनुप-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर
  • विक्रांत सिंह भाकृअनुप-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर
  • रेखा रानी भाकृअनुप-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर
  • शांतनु कुमार दुबे भाकृअनुप-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर

सार

दालें, भारतीय आहार का एक अभिन्न अंग हैं। ये देश में शाकाहारी आबादी के लिए दैनिक प्रोटीन का अपेक्षाकृत सस्ता व आसानी से उपलब्ध स्रोत हैं। इनमें लगभग 20-25 प्रतिशत प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण वर्ष 2011-12 के अनुसार दालें भारतीयों के कुल आहार एवं इसके साथ ही प्रोटीन सेवन में औसतन 10.4-40 प्रतिशत का योगदान देती हैं। देश में मुख्यतः चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर, मटर, लोबिया, खेसारी, मोठ आदि दलहनी पफसलों का उत्पादन व उपभोग होता है। दलहनी
फसल उत्पादन में महिला कृषकों का भी योगदान अहम होता जा रहा है।

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प्रकाशित

2024-04-02