सतत फसल उत्पादन हेतु समेकित खरपतवार प्रबंधन
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फसलों की भरपूर एवं टिकाऊ पैदावार प्राप्त करने के लिए खरपतवार प्रबंधन अति आवश्यक है। खरपतवार, पफसलों के साथ विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों जैसे-पोषक तत्वों, नमी एवं प्रकाश के लिये प्रतिस्पर्धा करके फसल उत्पादन में लगभग 37 प्रतिशत तक की कमी कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ उत्पाद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। सामान्यतः सभी किसान अपनी सामथ्र्य एवं परिस्थिति के अनुसार फसलों में खरपतवार प्रबंधन के विभिन्न तरीकों का प्रयोग करते हैं। भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर के एक अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों में यह विदित है कि देश की प्रमुख 10 पफसलों में यदि ठीक प्रकार से खरपतवारों का प्रबंधन नहीं किया गया, तो खरपतवारों के प्रकोप से उपज में 14-36 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 70,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान आंका गया है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी हानि हो सकती है। वर्तमान समय में कृषि से अधिक लाभ अर्जित करने के लिए कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करना नितांत आवश्यक है।
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