मृदा स्वास्थ्यवर्द्धन में सहयोगी सस्य क्रियाएं

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लेखक

  • प्रभात त्रिपाठी भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)
  • एस.पी. दत्ता भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)

सार

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का योजित सकल योगदान 18.6 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्रा, सर्वाधिक मानव शक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है (वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार)। देश में बढ़ती जनसंख्या के दबाव एवं उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए भविष्य में कृषि क्षेत्रा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मृदा स्वास्थ्य से संबंधित है तथा यह देश के लगभग 140 करोड़ लोगों से जुड़ी हुई है। भूमि का क्षेत्राफल सीमित है तथा इसी क्षेत्राफल से उत्तरोत्तर अधिक खाद्यान्न, चारा, रेशा व वनोपज इत्यादि की पूर्ति करनी है। इसके लिए मृदा स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ संरक्षण करना एक बहुत ही अहम पहलू है। इससे भविष्य में देश की जनसंख्या की कृषि क्षेत्रा से संबंधित जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।

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प्रकाशित

2024-03-28