जलवायु स्मार्ट कृषि में हरी खाद का महत्व
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वर्तमान समय में भारतीय किसान चुनौतियों के एक जटिल समूह का सामना कर रहे हैं। इनमें से एक है मृदा की उर्वरता तथा उत्पादकता का त्याग किए बिना रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करना। इस चुनौती का सामना करने के लिए हरी खाद वाली फसलें एक व्यावहारिक विकल्प हो सकती है। इनकी खाद का प्रयोग मृदा में पोषक तत्वों खासकर नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाता है। इनके प्रयोग से मृदा की भौतिक, रासायनिक तथा जैविक स्थिति में सुधार होता है। हरी खाद के प्रयोग की कई सीमाएं भी हैं, परंतु निश्चित रूप से हरी खाद के
लाभ इसकी हानियों की भरपाई करने में सक्षम हैं।
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