जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में समेकित कृषि प्रणाली
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समेकित कृषि प्रणाली एक स्थायी कृषि पद्धति है जो जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में प्राकृतिक संसाधनों का दक्षतापूर्ण एवं समुचित उपयोग करके कृषि की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता को सुदृढ़ करती है। इस प्रणाली में फसल उत्पादन के साथ-साथ कृषि के अन्य घटक जैसे पशुपालन, कुक्कुटपालन, मछलीपालन, मुर्गीपालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, वृक्ष फसलें, फल एवं सब्जियों की खेती इत्यादि एक साथ करते हैं। घटकों का चयन इस प्रकार किया जाता है कि एक घटक के अपशिष्ट उत्पादों का उपयोग दूसरे घटक के लिए संसाधन के रूप में किया जा सके। इससे प्राकृतिक संसाधनों की उपयोग दक्षता में बृद्धि होती है। विभिन्न कृषि और गैर-कृषि घटकों का एकीकरण, कुशल संसाधन प्रबंधन, मृदा एवं जैव-विविधता संरक्षण के माध्यम से सामाजिक लाभ और स्थानीय परिस्थितियों के प्रति अनुकूलन इस प्रणाली की मुख्य विशेषताएं हैं।
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