नेपियर संकर घास की उत्पादकता बढ़ाएं
120 / 459सार
भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ पशुपालन अहम् योगदान दे रहा है। भारत का पशुधन क्षेत्रा दुनिया में सबसे विशाल है। देश में लगभग 20.5 करोड़ से ज्यादा लोगों का जीवन निर्वाह पशुपालन से होता है। सभी ग्रामीण परिवारों के औसत 14 प्रतिशत की तुलना में छोटे कृषि परिवारों की आय में पशुधन का योगदान 16 प्रतिशत है। यह लगभग 8.8 प्रतिशत आबादी को रोजगार भी प्रदान करता है। वर्तमान में, भारतीय सकल घरेलू उत्पादन में कृषि का योगदान लगभग 25.6 प्रतिशत है जबकि पशुधन का 4.11 प्रतिशत है। भारत, दुग्ध उत्पादन के क्षेत्रा में विश्व में प्रथम स्थान पर है। दुग्ध् उत्पादकता में आज भी कई देश हमसे आगे हैं। इसका कारण संतुलित एवं गुणवत्तायुक्त पशु आहार का न मिलना है। वर्तमान स्थिति में देश में लगभग 35 प्रतिशत हरा चारा, 10 प्रतिशत सूखा चारा और 44 प्रतिशत दाना राशन की कमी दर्ज की गई है। यह कमी पशुओं की दूध उत्पादकता को सीधा प्रभावित करती है।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।