वर्मीवाॅश है एक प्रभावी जैविक उत्पाद

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लेखक

  • दीक्षा मिश्रा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी-221005 (उत्तर प्रदेश)
  • प्रतीक सिंह बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी-221005 (उत्तर प्रदेश)
  • आकाश आर. एस.एम. (पी.जी.) काॅलेज, धामपुर, बिजनौर-246761 (उत्तर प्रदेश)

सार

फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का खूब प्रयोग किया जाता है। अब वर्मीवाॅश के प्रयोग से भी फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा। रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के तौर पर प्रयोग की जा रही केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) से ही वर्मीवाॅश तैयार किया जाता है। इसे किसान कम लागत में तैयार कर सकते हैं। इसके साथ ही यह पर्यावरण हितैषी भी है। इसके उपयोग से किसान उत्तम गुणवत्तायुक्त उपज प्राप्त कर सकते हैं। इसे फसलों एवं सब्जियों में विभिन्न रोगों एवं कीटों की रोकथाम के लिए प्राकृतिक रोगरोधक एवं जैव कीटनाशक के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके प्रयोग से 10-15 फीसदी तक उत्पादन बढ़ जाता है। इससे उपज पर किसी तरह का दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है। अतः कृषि में वर्मीवाॅश का उपयोग करना बहुत ही लाभदायक है।

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प्रकाशित

2024-04-02