जनवरी के मुख्य कृषि कार्य
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जनवरी का महीना रबी मौसम में अधिक पैदावार लेने के लिए आवश्यक कृषि कार्यों की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है। देश लंबे अरसे से अनाजों एवं अन्य कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भर हो चुका है। इसके साथ ही अनेक प्रकार के कृषि उत्पादों के निर्यात से विदेशी पूंजी भी अर्जित की जा रही है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों जैसे-तापमान में वृद्धि, असमय बाढ़,
समुद्र के जलस्तर में वृद्धि आदि का पफसल उत्पादन एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अतः पफसल प्रबंधन एवं कृषि पक्तियों में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। इसलिए अधिकाधिक जलवायु-सहनशील तकनीकियों का प्रयोग कृषि में किया जा सकता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि कृषकों और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए, ताकि उनका जीवन सुख एवं समृद्धि से परिपूर्ण हो सके। इसके लिए उनकी कृषि आय में वृद्धि करना नितांत आवश्यक हो जाता है। इसके लिए कृषकों को उनके कृषि उत्पाद का लाभकारी मूल्य प्राप्ति और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होना जरूरी है। इसके अतिरिक्त उन्हें कृषि तकनीकियों के बारे में भी शिक्षित करने की आवश्यकता है।
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