चरागाह के शत्रु पौधे
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बीसवीं सदी के बाद चरागाह के लिए आरक्षित स्थानों पर मानव द्वारा निरंतर अतिक्रमण से इसका क्षेत्राफल कम होता जा रहा है। इसके साथ ही चरागाह के लिए दूसरा महत्वपूर्ण क्षति पहुंचाने वाला कारक आयातित कृषि उत्पादों के साथ आये हुए हानिकारक पौधों के बीज इत्यादि अंश हैं। ये पौधे भारत में पहले नहीं पाए जाते थे। इन हानिकारक पौधों का तीव्र गति से प्रसार हो रहा है तथा ये हमारे चरागाह को क्षति पहुंचा रहे हैं।
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