दलहनी फसलों में खरपतवार नियंत्रण

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लेखक

  • प्रदीप राजपूत आइटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
  • आदेश सिंह आइटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
  • रविंद्र कुमार राजपूत आइटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
  • दुर्गेश कुमार मौर्य आइटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

सार

देश की कृषि अर्थव्यवस्था में जाड़े के मौसम (अक्टूबर से मई के मध्य) में उगाई जाने वाली दलहनी पफसलों का विशेष महत्व है। दलहनी फसलें प्रोटीन का उत्तम स्रोत होती हैं। इनमें लगभग 20 से 28 प्रतिशत तक बेहतर गुणवत्तायुक्त प्रोटीन पाया जाता है। दालें, देश का मुख्य आहार हैं। और भारत का दलहन क्षेत्राफल एवं उत्पादन की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान है। यहां वर्ष 2020-21 में लगभग 25.58 मिलियन टन कुल दलहन उत्पादन हुआ था, लेकिन दलहन उत्पादकता अन्य देशों की अपेक्षा काफी कम (625 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर) है। दलहन की कम उत्पादकता का एक मुख्य कारण खरपतवारों की उपस्थिति है।

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प्रकाशित

2024-04-03