कृषि में स्थानीय बीज बैंकों की भूमिका

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लेखक

  • शिवम कुमार राय सैम हिगिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
  • अभिनव दयाल सैम हिगिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
  • नेहा थाॅमस सैम हिगिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
  • प्रशांत कुमार राय सैम हिगिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

सार

बीज बैंक पारंपरिक और प्राकृतिक बीजों की ध्रोहर को संरक्षित रखने में मदद करते हैं। ये हमारी विविधता को सुरक्षित रखते हैं। इनका महत्व खासकर उस समय में बढ़ जाता है, जब कीट-रोग, जलवायु परिवर्तन और जीवाणुओं से खेती पर खतरा होता है। इन बीजों का संग्रहण और विकास हमें सतत खेती की समर्थता प्रदान करता है। इस प्रकार कृषि उत्पादन को सुरक्षित बनाती है और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करती है। स्थानीय बीज बैंक प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में इस प्रकार योगदान करते हैं और समुदाय के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार, स्थानीय बीज बैंक कृषि विरासत के संरक्षण में अपने महत्वपूर्ण योगदान के साथ, टिकाऊ और सुरक्षित खेती की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।

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प्रकाशित

2024-04-03