मुर्गीपालन में अजोला की उपयोगिता
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अजोला जल की सतह पर तैरने वाला एक जलीय पफर्न है। इसकी पंखुड़ियों में नील हरित शैवाल (एनाबिना अजोली) सहजैविक के रूप में पाया जाता है। यह शैवाल वायुमंडलीय नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करता है। अजोला, शैवाल की वृद्धि के लिए आवश्यक कार्बन स्रोत एवं वातावरण प्रदान करता है। शैवाल वातावरण से नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए उत्तरदायी है। प्राकृतिक रूप से यह उष्ण एवं गर्म उष्णकटिबंधीय छेत्रों में पाया जाता है।
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