हिमांशु पाण्डेय इत्यादि (2024) “श्रीअन्न का बढ़ता योगदान”, खेती, 77(1), पृ. 12. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1131 (अंतिम उपयोग: 20 अक्टूबर 2026).