राजेंद्र नागर (2026) “प्राकृतिक खेती बनी उद्यमिता का आधार”, खेती, 79(3). पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1744 (अंतिम उपयोग: 20 अक्टूबर 2026).