सौरभ कुमार (2026) “शून्य जुताई की बढ़ती उपयोगिता”, खेती, 79(6), पृ. 18–20. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2249 (अंतिम उपयोग: 20 अक्टूबर 2026).