[1]
चैधरी गोपाल लाल, नाथ पारस, प्रजापत कैलाश, व रूण्डला सेवाराम, “मृदा उर्वरता बढ़ाए हरी खाद”, खेती, vol. 76, no. 3, पृ. 45–47, जुलाई 2023, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/475