[1]
रोहिताश कुमार व टीकम गोयल, “खीस का महत्व”, खेती, vol. 76, no. 9, पृ. 17–18, अप्रैल 2024, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/968