[1]
प्रताप धीर, हसनैन मोहम्मद, सचान ध्रुवेंद्र सिंह, सिंह राजीव कुमार, व त्रिपाठी अंकुर, “प्रचलित होती बहुपरत खेती”, खेती, vol. 75, no. 10, पृ. 21–23, फ़र. 2023, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/144