[1]
जाँगिड़ बाबू लाल व रोहिल्ला प्रेम पाल, “भेड़ और बकरियों के उत्पादों का मूल्यसंवर्धन”, खेती, vol. 79, no. 4, पृ. 20–21, अग. 2026, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1994