[1]
डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रोफेसर (पशुपालन) एवं निदेशक प्रसार शिक्षा, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा व गुंजन सनाढ्य, रिशिका चौधरी, घनश्याम मीणा और राकेश कुमार, “देसी गोवंश आधारित लाभकारी डेरी व्यवसाय”, खेती, vol. 79, no. 5, पृ. 4–6, सित. 2026, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2088