[1]
प्रद्युम्न यादव, “तिलहन उप-उत्पादों से पोषण और मूल्य संवर्धन”, खेती, vol. 79, no. 6, पृ. 15–17, अक्ट. 2026, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2271