विदेशी सब्जियों से कमाई
96 / 87सार
विदेशी सब्जियां यूरोप व अमरीका जैसे देशों से भारत में लाई गईं। ये सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, शर्करा, लवण, विटामिन व खनिज पदार्थो से भरपूर होती हैं। ये सामान्यता सलाद, सूप, चाइनीज व्यंजनों व बर्गर में इस्तेमाल की जाती हैं तथा पाँच सितारा होटलों में इनकी काफी माँग होती है। भारत में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या के कारण देश के पंचतारा व अन्य होटलों में विदेशी सब्जियों की माँग निरन्तर बढ़ती जा रही है। अन्य सब्जियों की तुलना में ये अध्कि दाम पर बिकती हैं। ये सब्जियाँ ठण्डे तापमान में उगाई जाती हैं। पहाड़ी इलाकों में विदेशी सब्जियां उगाने के लिए उपयुत्तफ वातावरण है। देश के अन्य हिस्सों में ये सब्जियां सर्दियों में लगाई जाती हैं तथा इसका उत्पादन दिसम्बर-जनवरी तक होता है। पहाड़ी इलाकों में विदेशी सब्जियां साल में दो बार मार्च-जून व जुलाई-अक्तूबर में उगा सकते हैं। मार्च में उगाई गई फसल, आफ सीजन होने के कारण किसानों को ज्यादा मुनापफा दे सकती है। अतः किसान विदेशी सब्जियों की खेती को अपनाकर अत्यधिक धन कमा सकते हैं।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।