पूसा गोल्डन चेरी टमाटर-2 की खेती

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लेखक

  • जुगेन्द्र कुमार भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधन संस्थान, पूसा, नई दिल्ली
  • पी के सिंह भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधन संस्थान, पूसा, नई दिल्ली
  • जाकिर हुसैन भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधन संस्थान, पूसा, नई दिल्ली
  • सेल्वाकुमार आर भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधन संस्थान, पूसा, नई दिल्ली

सार

पोषक तत्वों से भरपूर पूसा गोल्डन चेरी टमाटर-2 किस्म को पूसा संस्थान द्वारा विकसित किया गया है। यह अनियमित बढ़वार वाली किस्म है। इसके हर पौधे में लगभग 9 से 10 फलों के गुच्छे होते हैं। प्रत्येक गुच्छे में 25-30 चेरी टमाटर लगते हैं। इसके पफल गोल एवं पीले रंग के होते हैं। हर फल का औसतन वजन 7-8 ग्राम होता है तथा औसत फल की उपज लगभग 3-4.5 किलोग्राम प्रति पौध होती है। इसकी उपज के लिए जलवायु गर्म होनी चाहिए। यह बलुई दोमट मिट्टी में अच्छी पैदावार देता है। इसका पी.एच. मान 6-7 के बीच होना जरूरी है। इस फल के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है, केवल नमी की जरूरत होती है। इसकी औसतन उपज 1000 वर्गमीटर पाॅलीहाउस क्षेत्रा में 90-100 क्विंटल होती है।

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प्रकाशित

2024-06-21