लेमनघास से अधिक मुनाफा
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भारत, प्रतिवर्ष लगभग 700 टन लेमनघास के तेल का उत्पादन करता है। इसकी एक बड़ी मात्रा निर्यात की जाती है। देश का लेमनघास तेल सिट्रल की उच्च गुणवत्ता के कारण हमेशा मांग में रहता है। एरोमा मिशन के तहत जिन औषधीय और सगंधीय पौधों की खेती का क्षेत्रा बढ़ रहा है, उनमें एक लेमनघास भी है। एंटीऑक्सीडेंट के सबसे बेहतर स्रोत लेमनघास में विटामिन ‘सी’ भारी मात्रा में होता है। दुनिया की बड़ी आबादी इसकी चाय यानी लेमन-टी पीने लगी है। इसके तेल का सबसे ज्यादा उपयोग इत्रा और सौंदर्य प्रसाधन उद्योगों में होता है और जैसे-जैसे ये उद्योग बढ़ रहे हैं, लेमनघास की मांग भी बढ़ी है। किसानों के लिए यह फायदे की खेती बनती जा रही है। इसकी खूबी यह है कि इसे सूखा प्रभावित इलाकों में भी लगाया जा सकता है।
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