फल एवं सब्जी उत्पादन बना आय का स्रोत

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लेखक

  • पुरुषोत्तम शर्मा भाकृअनुप-भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी-284003 (उत्तर प्रदेश)
  • सुनील कुमार भाकृअनुप-भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी-284003 (उत्तर प्रदेश)
  • मुकेश चैधरी भाकृअनुप-भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी-284003 (उत्तर प्रदेश)
  • विश्व भास्कर चैधरी भाकृअनुप-भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी-284003 (उत्तर प्रदेश)
  • आर.पी. द्विवेदी भाकृअनुप-भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी-284003 (उत्तर प्रदेश)
  • शान्तनु कुमार दुबे भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कानपुर (उत्तर प्रदेश)

सार

श्री ग्यासी रायकवार, भारतीय रेलवे के एक सेवानिवृत कर्मचारी हैं, और ग्राम ढिमरपुरा, ब्लाॅक बड़ागांव जिला-झांसी के निवासी हैं। इनके पास खेती योग्य 3 एकड़ जमीन है। शुरूआत से ही उनका खेती के प्रति अधिक लगाव था। सरकारी कर्मचारी होने के बाद भी वह खेती में अपना समय जरूर दिया करते थे। सेवानिवृत होने के बाद इन्होंने खेती में पूरा समय देना शुरू कर दिया है। वर्तमान श्री रायकवार एक प्रगतिशील कृषक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।

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प्रकाशित

2024-06-21