मार्च-अप्रैल माह के मुख्य बागवानी कार्य
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मार्च-अप्रैल की द्विमाही के दौरान जहां सदाबहार पफलों जैसे आम, अमरूद, लीची, नीबूवर्गीय पफल आदि के नए बाग लगाए जा सकते हैं वहीं शीतोष्णवर्गीय पफलों तथा कई समशीतोष्ण व उपोष्ण पफलों में पुष्पण आरंभ हो जाता है। अतः इस द्विमाही के दौरान जहां बागवानों को पुष्पण के दौरान परागण प्रबंध्न करना है वहीं अत्यध्कि सिंचाई से भी बचना है। इसके अतिरित्तफ फल लगने के बाद आवश्यक सिंचाई का समुचित प्रबंध् भी करना है। तो आइये फलन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण ऋतुराज वसंत का स्वागत बागों में किए जाने वाली कृषि क्रियाओं द्वारा कैसे किया जाए, इस विषय पर चर्चा प्रारम्भ करते हैं।
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