प्याज की पौधशाला प्रबंधन तकनीक

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लेखक

  • एस. एस. सिंह गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, मटेला, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
  • राकेश मेर गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, मटेला, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
  • रेनू गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, मटेला, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
  • मुत्तफा नैनवाल गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, मटेला, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड

सार

प्याज की पौधशाला का प्रबन्ध्न करते हुए स्वस्थ पौध उत्पादन कर किसान कम क्षेत्राफल एवं कम समय में अध्कि आय प्राप्त कर सकते हैं। प्याज पौधशाला प्रबंधन में अपनाये जाने वाले महत्वपूर्ण बिन्दुओं में उन्नत प्रजाति का चयन, पौधशाला में बीज बुआई से पूर्व खेत की तैयारी तथा उसमें सड़ी गोबर खाद अथवा वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग, बीज की पंक्ति में बुआई, बीज जमाव के बाद समय-समय पर आवश्यकतानुसार सिंचाई, आर्द्र गलन रोग का प्रबन्ध्न, पोषण प्रबन्ध्न, निराई-गुड़ाई इत्यादि प्रमुख हैं। यदि किसान इन सभी तकनीकों को अपनाते हुए 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रापफल में प्याज की पौधशाला तैयार करते हैं तो 3 माह में लगभग 1,30,000.00 रुपये की आय प्राप्त कर रोजगार सृजन का एक सशत्त माध्यम बना सकते हैं।

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प्रकाशित

2023-01-10