सब्जियों की पौधशाला प्रबंधन
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सब्जियाँ##common.commaListSeparator## पौधशाला##common.commaListSeparator## प्रजातियाँ##common.commaListSeparator## पौध अनुकूलनसार
सब्जियों की पौध कम स्थान पर अधिक देखरेख में तैयार करना पौधशाला कहलाती हैं। सब्जियाँ जैसे टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, पत्ता गोभी, प्याज, इत्यादि की पौध, पौधशाला में तैयार करके खेत में रोपाई की जाती है। इससे बीज की बचत होती है, खेत की तैयार करने के लिए अधिक समय मिल जाता है और हरित गृह में पौध उगाकर अगेती फसल ली जा सकती है। सब्जियों की पौध तैयार करने के लिए सड़ी हुई गोबर की खाद, उठी हुई पौधशाला क्यारी, उचित गुणवत्ता वाला बीज, सही दुरी पर बीजों की बुवाई और सही मात्रा में उर्वरको और कीट नाशकों उपयोग करके स्वस्थ पौध तैयार की जा सकती है। सामान्यत: पौधशाला में बीज की बुवाई के 20-25 दिन बाद या पौध की लम्बाई 10-15 से.मी. या पौध में तीन-चार वास्तविक पत्तियाँ आ जाये, पौध रोपाई के लिए तैयार हो जाती है।
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