बुंदेलखंड में चिरौंजी की खेतीः अपार संभावनाएं

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लेखक

  • Akhilesh Kumar Srivastava BUAT, Banda- 210001
  • पंकज कुमार ओझा ७३५५३७३९८१
  • Siddharth Kumar BUAT, Banda- 210001
  • Pragya Ojha Krishi Vigyan Kendra, Banda- 210001

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चिरौंजी की खेती##common.commaListSeparator## चार (चिरौंजी##common.commaListSeparator## सूखा मेवा फसल ##common.commaListSeparator## कम वर्षा वाले क्षेत्र

सार

बुंदेलखंड क्षेत्र अपनी पथरीली मिट्टी, कम वर्षा और सीमित कृषि संसाधनों के कारण लंबे समय से कृषि संकट, गरीबी और पलायन जैसी समस्याओं से जूझता रहा है। ऐसे परिदृश्य में चिरौंजी (Buchanania lanzan) की खेती इस क्षेत्र के लिए एक वैकल्पिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि-आधारित आजीविका मॉडल के रूप में उभरकर सामने आती है। चिरौंजी एक बहुमूल्य सूखा मेवा एवं बहुउपयोगी वृक्ष है, जिसके बीज, फल, तेल, छाल और पत्तियाँ खाद्य, औषधीय तथा कॉस्मेटिक उद्योगों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती हैं। इसकी सूखा-सहिष्णु प्रकृति, न्यूनतम देखभाल आवश्यकता और दीर्घकालिक उत्पादकता इसे बुंदेलखंड की जलवायु एवं मिट्टी के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।

यह लेख बुंदेलखंड में चिरौंजी की खेती की संभावनाओं, आर्थिक लाभों, सामाजिक प्रभावों, जैविक विविधता, तथा उत्पादन से संबंधित गुणात्मक-मात्रात्मक परिवर्तनशीलता का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि चिरौंजी की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिलाओं, के लिए रोजगार सृजन और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम भी है। इसके साथ ही, चिरौंजी आधारित प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार लिंकेज के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है। हालाँकि, जागरूकता की कमी, नर्सरी एवं तकनीकी मार्गदर्शन का अभाव, तथा दीर्घ किशोर अवस्था जैसी चुनौतियाँ इसके विस्तार में बाधक हैं। लेख में इन चुनौतियों के समाधान हेतु प्रशिक्षण, अनुसंधान, सरकारी सहयोग, प्रसंस्करण अवसंरचना और बाजार एकीकरण जैसे व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। निष्कर्षतः, चिरौंजी की खेती बुंदेलखंड के सतत सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक सशक्त एवं संभावनाशील विकल्प सिद्ध हो सकती है।

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  • ##submission.authorWithAffiliation##

    Prof. Akhilesh Kumar Srivastava

    Head, Department of Fruit Science, BUAT, Banda- 210001

  • ##submission.authorWithAffiliation##

    Mr. Siddharth Kumar

    Research Scholar, Department of Fruit Science, BUAT, Banda- 210001

  • ##submission.authorWithAffiliation##

    Dr. Pragya Ojha

    Subject Matter Specialist (Home Science), Krishi Vigyan Kendra, Banda- 210001

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प्रकाशित

2026-03-30