कीवी का व्यावसायिक उत्पादन

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लेखक

  • सन्नी शर्मा वृक्ष सुधार और आनुवंशिक संसाधन विभागए डाॅ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • विशाल सिंह राणा वृक्ष सुधार और आनुवंशिक संसाधन विभागए डाॅ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • नीरजा राणा वृक्ष सुधार और आनुवंशिक संसाधन विभागए डाॅ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • विजय कुमार वृक्ष सुधार और आनुवंशिक संसाधन विभागए डाॅ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • उमेश शर्मा वृक्ष सुधार और आनुवंशिक संसाधन विभागए डाॅ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन, हिमाचल प्रदेश

सार

कीवी फल को चाइनीज गूजबेरी के नाम से भी जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम एक्टिनिडिया डेलिसिओसा है तथा यह पर्णपाती पौधा है। यद्यपि इस पफल का उद्गम स्थान चीन है परन्तु आर्थिक दृष्टि से इसका उपयोग न्यूजीलैंड में ही किया जाता है। वर्तमान समय में इसकी खेती इटली, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, और स्पेन में व्यावसायिक स्तर पर की जा रही है। भारतवर्ष में सर्वप्रथम इस पफल को बेंगलुरु में लगाया गया था परन्तु वहाँ इस बेल की सुषुप्तावस्था के लिए शीतकाल पर्याप्त न होने के कारण सपफलता नही मिली। राष्ट्रीय पादप आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो, क्षेत्राीय संस्थान के शिमला स्थित केन्द्र, पफागली में इसका उत्पादन सपफल हुआ। सन् 1985 में डा. यशवन्त सिंह परमार औद्यागिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन के विभिन्न केन्द्रों में प्रयोग के लिए इसके पौधे प्राप्त किये गए तथा नौणी स्थित पफल विज्ञान के प्रयोगात्मक बगीचे में इसको अपार सपफलता मिली।

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प्रकाशित

2022-11-16