देशी फलों का महत्व एवं संरक्षण
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देशी फल##common.commaListSeparator## संरक्षणसार
भारत में देशी फलों का कुल क्षेत्रफल लगभग 6-56 प्रतिशत (0-437 मिलियन हेक्टेयर) है, जबकि इनकी औसत उत्पादकता 11-47 टन प्रति हेक्टेयर तक पाई जाती है। इसके बावजूद, देशी फलों को कृषि विकास की मुख्यधारा में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया है। वर्तमान में वैश्विक भूख सूचकांक में भारत का 123 देशों में 102वाँ स्थान देश में कुपोषण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। वर्तमान समय में, बढ़ती जनसंख्या, कुपोषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए, देशी फलों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। देशी फल, कई वाणिज्यिक फलों की तुलना में खनिज तत्वों, एंटीऑक्सिडेंट्स एवं फाइटोन्यूट्रिएंट्स से अधिक समृद्ध होते हैं। यदि इन फसलों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, सुधार और मूल्यवर्धन किया जाए, तो ये खाद्य सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
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