पुष्पोत्पादन पर जलवायु परिर्वतन का प्रभाव
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जलवायु परिवर्तन कृषि और पुष्पोत्पादन के लिए एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। तापमान, वर्षा और वातावरण में बदलाव का फूलों की खेती पर सीधा असर पड़ता है। बढ़ता तापमान पौधों की वृद्धि को कम करता है, जिससे फूल छोटे हो जाते हैं, उनकी संख्या घटती है और रंग भी हल्का पड़ जाता है। अधिक गर्मी से फूलों की खुशबू भी कम हो जाती है। सूखा, जलभराव और मिट्टी में लवणता बढ़ने से पौधों को पानी और पोषक तत्व लेने में कठिनाई होती है तथा परागण प्रभावित होता है। इसके कारण प्राकृतिक फूलों की विविधता और पौधों व परागण करने वाले कीटों के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। साथ ही, बाजार की अनिश्चितता और कृत्रिम फूलों की बढ़ती मांग से फूल उत्पादकों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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