संकर सब्जियों और फूलों से आत्मनिर्भरता

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लेखक

  • द्वारका अतिथि शिक्षक, कीटशास्त्रा विभाग, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय, पन्ना, मध्य प्रदेश- 488001
  • निशा चढ़ार एम.एससी.(बाॅटनी), महाराजा छत्रासाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, शासकीय स्नातकोत्तर उत्कृष्ट महाविद्यालय, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश-472001

सार

खेती यदि नई सोच, सही तकनीक और समय पर मार्गदर्शन के साथ की जाए तो कम जमीन में भी बड़ी आमदनी संभव है। इसका जीवंत उदाहरण मध्य प्रदेश के हटा तहसील
के ग्राम सगोनिया निवासी श्री आकाश फौजदार हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर संरक्षित एवं हाईटेक तकनीकों को अपनाया और आज उनका खेत स्वयं एक लाइव माॅडल के रूप में पहचान बना चुका है। किसान श्री आकाश कक्षा 12वीं तक शिक्षित हैं और मध्य प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्र, दमोह से लगातार जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीकों
का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। उनके खेत में संकर शिमला मिर्च, टमाटर, लौकी, गेंदा, गुलाब, मटर, चना के साथ-साथ आम, चीकू, पपीता और एप्पल बेर जैसे पफलदार
पौधे भी लगे हुए हैं। यही कारण है कि उनके पफार्म पर वर्षभर किसी न किसी फसल का उत्पादन लगातार बना रहता है।

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प्रकाशित

2026-10-08