अर्धशुष्क क्षेत्र में चंदन आधारित कृषिवानिकी
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भारतीय चंदन जिसे सफेद चंदन भी कहा जाता है, एक अत्यधिक मूल्यवान और अधिक मांग वाली दृढ़ लकड़ी की प्रजाति है। इसका हार्टवुड सुगंधित तेलों और सैंटालोल के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे सबसे महत्वपूर्ण गैर-लकड़ी वन उत्पादों में से एक बनाता है। इसके परिपक्व वृक्षों के हार्टवुड में 2-6 प्रतिशत तक तेल और 90 प्रतिशत तक सैंटालोल पाया जाता है। चंदन औसतन 1-2.4 मीटर चैड़ा और 12-15 मीटर ऊँचा होता है। यह एक अर्ध-परजीवी प्रजाति है और पानी तथा पोषक तत्वों के लिए अन्य पौधें पर निर्भर रहता है। विभिन्न प्रकार की मृदा और प्रतिकूल परिस्थितियों में इसकी अनुकूलन क्षमता तथा उच्च आर्थिक मूल्य इसे कृषिवानिकी के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं।
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