बहुउपयोगी पारंपरिक फल है खुमानी
29 / 33सार
खुमानी (प्रूनस अर्मेनियाका एल.) महत्वपूर्ण फल वृक्ष है, जिसे स्टोन फ्रूट के रूप में भी जाना जाता है। इसकी खेती विश्व के अनेक देशों जैसे तुर्की, इटली, ग्रीस, स्पेन,
संयुक्त राज्य अमेरिका तथा फ्रांस में व्यापक रूप से की जाती है। भारत में यह मुख्यतः हिमालय के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के ठंडे मरुस्थलीय भागों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के 2,000-2,500 मीटर की ऊँचाई वाले क्षेत्रों में यह फल जंगली रूप से उगता है। खुमानी का फल स्थानीय भाषा में ‘चुली’ के नाम से प्रसिद्ध है। इसके फल गोल से अंडाकार तथा हल्के रोएँदार होते हैं। पकने पर इनका रंग पीला अथवा लालिमा लिए पीला हो जाता है और स्वाद हल्का खट्टा होता है। क्षेत्र की ऊँचाई एवं जलवायु के अनुसार इसके फल मई से अगस्त के बीच पकते हैं। एक स्वस्थ एवं पूर्ण विकसित चुली (खुमानी) का वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 35-75 कि.ग्रा. फल उत्पादन कर सकता है।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-nd4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।