बागवानी फसलों में ट्रैप द्वारा कीट प्रबंधन
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बागवानी फसलों में कीटों से होने वाले नुकसान को कम करना किसानों के सामने एक प्रमुख चुनौती है। रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से जहाँ पर्यावरण प्रदूषित हुआ है, वहीं परागणकर्ताओं एवं अन्य लाभकारी कीटों की संख्या पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में समेकित कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) के अंतर्गत कीट ट्रैप एक प्रभावी, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में उभरे हैं। फसलों को हानिकारक कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के कीट ट्रैप का उपयोग किया जाता है। ये ट्रैप खेत एवं उसके आसपास उड़ने वाले कीटों को आकर्षित कर पकड़ने में सहायक होते हैं। इनका उपयोग कीटों की विविध्ता का अध्ययन, नए कीटों के आक्रमण की निगरानी तथा खेत में उनकी संख्या का आकलन करने के लिए किया जाता है। अधिक संख्या में कीटों को पकड़कर ये ट्रैप सीधे तौर पर उनकी आबादी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साथ ही इन्हें खेत की परिधि पर लगाकर सुरक्षा अवरोध के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
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