सब्जी फसल विविधीकरण से अधिक आमदनी
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कृषि हमारे देश की लगभग आधी से ज्यादा आबादी के लिए आजीविका का एक प्रमुख साधन है। कृषि के माध्यम से देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधर लाने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि आधरित उद्योगों तथा अन्य सेवा क्षेत्रों के विकास द्वारा रोजगार बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हो सकती है। भारत में लगभग 86% छोटे और सीमांत किसान हैं। लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण खाद्यान्नों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। भूमि का बंटवारा होने के कारण कृषि जोतों का आकार भी घटता जा रहा है। औसत कृषि जोत का आकार 1970-71 में 2.28 हैक्टर से घटकर सन् 2015-16 में 1.08 हैक्टर प्रति जोत रह गया है। देश की बढ़ती आबादी के कारण बढ़ती खाद्यान्न आवश्यकता, जोत के आकार में कमी के कारण घटती आमदनी, सभी उत्पादकता घटकों की क्षमता में कमी एवं बढ़ते जलवायु परिवर्तन प्रभाव इत्यादि चिंता के विषय हैं।
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