तवांग के अल्पदोहित फल

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लेखक

  • अंकित रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला तेजपुर-784001 (असोम)
  • सुनील कुमार सिंह रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला तेजपुर-784001 (असोम)
  • अजिताभ बोरा रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला तेजपुर-784001 (असोम)
  • बैकुंठ ज्योति गोगई रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला तेजपुर-784001 (असोम)
  • देव व्रत कम्बोज रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला तेजपुर-784001 (असोम)

सार

भारत के पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्रा में अवस्थित अरुणाचल प्रदेश का तवांग जनपद अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति एवं प्राकृतिक सम्पदा के लिए प्रसिद्ध है। यह जनपद उत्तर में चीन अधिकृत तिब्बत और दक्षिण-पश्चिम में भूटान से घिरा हुआ है। इसकी सीमा ‘से-ला’ दर्रे से आरंभ होती है। इसका लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रा समशीतोष्ण (30 प्रतिशत) एवं अल्पाइन या पर्वतीय (40 प्रतिशत) जलवायु के अंतर्गत आता है। घाटी के 8000 पफीट तक तुंगता वाले ढलानों एवं मैदानी क्षेत्रों में अनेक प्रकार के फल प्राकृतिक रूप से पाये जाते हैं। इन्हें स्थानीय किसान ताजा अवस्था या विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के उत्पादन करने के लिए उपयोग में लाते हैं। तवांग क्षेत्रा में पाये जाने वाले ये जंगली फल पोषण मान की दृष्टि से समृद्ध हैं। इनके आर्थिक महत्व की जानकारी के अभाव के कारण इन पफलों का उपयोग पर्वतीय क्षेत्रों तक ही सीमित है।

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प्रकाशित

2024-01-18