‘सदाबहार’ से बगिया में बहार

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लेखक

  • नरेंद्र कुमार उद्यान विभाग, सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (इलाहाबाद)
  • वी. एम. प्रसाद उद्यान विभाग, सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (इलाहाबाद)

सार

प्राचीनकाल से ही मनुष्य विभिन्न रोगों से बचाव एवं उपचार के लिये सदाबहार के फूल, पत्ती, बीजों एवं जड़ों का उपयोग करता आया है। सदाबहार, निरोगी रखने वाला पौध है। इसके फूल, पत्ती एवं बीजों का सेवन करने से त्वचा संबन्ध्ति फोड़े, फुंसी एवं कैंसर जैसे रोगों से बचा जा सकता है। अतः इसे आसानी से अपने बगीचे में लगाया जा सकता है और इन सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

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प्रकाशित

2024-01-18