राम करेले की पर्वतीय क्षेत्रों में खेती
183 / 69सार
भारत में राम करेले को पहाड़ी करेला, मीठा करेला, अमेरिका में कैहुआ और अंग्रेजी में स्टफिंग कुकुम्बर या स्लिपर गोर्ड के नाम से जाना जाता है। यह कुकरबिटेस परिवार से संबंध्ति सब्जी है। इसका वानस्पतिक नाम साइक्लेन्थेरा पेडेटा है। इसके फल के अंदर का भाग खोखला होता है तथा जिसमें कई काले बीज होते हैं। इसका स्वाद व गंध् खीरे की तरह होती है। फलों के बीज निकालकर उसमें अन्य खाद्य पदार्थ, जैसे- चावल, पनीर, मछली आदि भरकर उन्हें पकाकर खाया जाता है। इसलिए इसे स्टपिफंग कुकुम्बर भी कहते है। इसकी युवा टहनियों और पत्तियों को साग के रूप में भी खाया जा सकता है। इस राम करेले की लगभग 30 प्रजातियां हैं, जो गर्म - समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय अमेरिका (एंडीज क्षेत्रा) से हैं।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।