साबूदाना उत्पादन के लिए कसावा है बहुमूल्य
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कसावा की खेती विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती है। यह मूलरूप से दक्षिण अमेरिका का पौधा है। भारत में मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक में कसावा की खेती की जाती है। यह एक झाड़ीनुमा पौधा होता है। यह कंद वाली फसलों की श्रेणी में आता है। यह देखने पर शकरकंद की तरह दिखाई देता है। इसका वैज्ञानिक नाम मनिहाॅट एस्कुलेंटा है। कसावा से निकलने वाला टैपिओका शुद्ध कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है। इसका उपयोग विश्व में आहार के रूप में किया जाता है। साबूदाना का सेवन भारत में व्रत या उपवास में खाने के लिए किया जाता है।
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