लोकाट की व्यावसायिक खेती
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लोकाट को लुकाट या लुगाठ के नाम से भी जाना जाता है। यह एक पौष्टिक फल है। इसके सेवन से अनेक रोगों में फायदा मिलता है। यह त्वचा रोग, आँखों की दृष्टि, उच्च रत्तफचाप, पेट के रोग, लीवर के विकार आदि रोगों में काफी लाभदायक होता है। इसके अलावा यह हड्डियों को मजबूत करता हैं, एवं रत्त को बढाता है। यह मध्य चीन के मृदुशील और नम क्षेत्रों का देशज है। भारत में इसे सर्वप्रथम शासकीय वानस्पतिक उद्यान, सहारनपुर में उगाया गया था। यहीं से इसे अन्य स्थानों के लिए वितरित किया गया है। जापान से जापान प्लम या जापानी मेड़लर के नाम से यह भारत लाया गया था। इस पफल की उत्पत्ति पूर्वी चीन में हुई है। विश्व में इसकी खेती चीन, ताईवान, कोरिया, जापान आदि देशों में होती है। भारत में इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में मुख्य रूप से की जाती है लेकिन महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार आदि राज्यों में भी बड़े स्तर पर इसकी खेती की जाती है। व्यावसायिक रूप में इसे सहारनपुर, देहरादून, मेरठ, कानपुर, दिल्ली, पंजाब के अमृतसर, होशियारपुर तथा गुरदासपुर एवं हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में उगाया जाता है।
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