जम्बू या फर्ण की हाइड्रोपोनिक्स खेती

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लेखक

  • हरेन्द्र कुमार रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधन संस्थान, डी.आर.डी.ओ, गोरापड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड
  • अंकुर अग्रवाल रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधन संस्थान, डी.आर.डी.ओ, गोरापड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड
  • बसन्त बल्लभ रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधन संस्थान, डी.आर.डी.ओ, गोरापड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड
  • ओम प्रकाश रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधन संस्थान, डी.आर.डी.ओ, गोरापड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड
  • शिवा कुमार रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधन संस्थान, डी.आर.डी.ओ, गोरापड़ाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखण्ड

सार

जड़ी-बूटी वाले पौधे में विभिन्न पादप रासायनिक यौगिकों का संश्लेषण होता है, जो मानव स्वास्थ्य की कई रोगों से सुरक्षा करने में बहुत लाभकारी होते हैं। एलियम स्ट्रेची, ऊंचाई पर उगने वाला हर्बल पौध है जिसे सामान्यतः उत्तराखंड में जम्बू और धुगर के रूप में जाना जाता है। यह औषधीय पौध उत्तराखंड के किसानों के लिए आय का एक अच्छा स्रोत है। एलियम स्ट्रेची को इसके अंधाधुंध् संग्रह और इसके अस्तित्व के खतरे के कारण भारतीय पौधें की रेड डाटा बुक में शामिल किया गया है। इसका मृदारहित खेती (हाइड्रोपोनिक्स) के तहत उत्पादन किया जा रहा है।

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प्रकाशित

2024-01-18