जनवरी-फरवरी माह के बागवानी कार्य
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भारत ऋतुओं का देश है। यहां प्रत्येक ऋतु ध्रा का मानो शृंगार करती हो। शीत ऋतु में जहां पर्वत शृंखलाएँ बर्फ की सपफेद चादरों से ढकी तो वहीं मैदानी भाग सफेद कोहरे से सराबोर होते हैं। शीत ऋतु में उत्तर-पूर्व व्यापारिक पवन पूरे देश में भूमि से समुद्र की तरफ बहती है। इसके कारण सामान्यतया मौसम में शुष्कता बनी रहती है वहीं भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में पश्चिमी विक्षोभ के कारण वर्षा भी होती है। इस वर्ष मौसमी घटना ‘अल निनो’ के जनवरी-मार्च, 2024 तक बने रहने की संभावनाएं हैं। इससे संभावित रूप से अध्कि गंभीर मौसम की स्थिति उत्पन्न होने का पूर्वानुमान किया गया है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में सफल बागवानी करने के लिए किसान भाइयों को पूर्व से कहीं अध्कि सजग रहने की आवश्यकता है।
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