[1]
विश्वकर्मा प्रदीप कुमार, राजपूत राहुल सिंह, गंगवार एस. के., सोरेन जोगेन्द्र, व चैध्री सौरव, “पोषक तत्वों का खजाना है सिंघाड़ा”, फल फूल, vol. 45, no. 1, पृ. 24, जन. 2024, अंतिम उपयोग: अक्ट. 20, 2026. पर उपलब्ध: https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/842