पोषण गृह वाटिका से स्वास्थ्य सुरक्षा

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Authors

  • ए.के. मोहंती भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • फूल कुमारी भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • एच. कलिता भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • इबीबेनी नुल्ली भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • बेंदांगला ईस्लांग भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • मीनाक्षी बी. तिवारी भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)
  • प्रशान्त कुमार भाकृअनुप-अटारी, बारापानी, उमियम (मेघालय)

Abstract

भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में, जहां शाकाहार को महत्व दिया जाता है वहां सब्जियों का महत्व अध्कि बढ़ जाता है। हमारा देश वर्तमान समय में सब्जी उत्पादन में दूसरे अग्रणी स्थान पर है। इसके बावजूद भी देश में सब्जियों की उपलब्धता प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मात्रा 240 ग्राम है और यह संस्तुत मात्रा से बहुत कम है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (वर्ष 2018) के पोषाहार विशेषज्ञ डा. सी. गोपालन के अनुसार आहार को पौष्टिक एवं संतुलित बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 300 ग्राम सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इसमें 50 ग्राम हरी पत्तेदार सब्जियां, 50 ग्राम जड़/कंदमूल वाली सब्जियां तथा 200 ग्राम अन्य सब्जियां सम्मिलित हैं। गर्भवती महिलाओं के लिये 100 ग्राम अतिरिक्त हरी पत्तेदार सब्जियों की आवश्यकता होती है। यद्यपि खाद्यान्न उत्पादन में देश ने आत्मनिर्भरता प्राप्त कर ली है, पिफर भी हम अभी अपनी पूरी आबादी को पोषण हेतु सब्जियों की संस्तुत मात्रा
(300 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) उपलब्ध करवाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। अतः संतुलित पोषण प्राप्त करने के लिये पोषण गृह वाटिका की महती आवश्यकता है।

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Published

2024-04-09

How to Cite

ए.के. मोहंती, फूल कुमारी, एच. कलिता, इबीबेनी नुल्ली, बेंदांगला ईस्लांग, मीनाक्षी बी. तिवारी, & प्रशान्त कुमार. (2024). पोषण गृह वाटिका से स्वास्थ्य सुरक्षा. खेती, 76(11), 15-18. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1011