कम लागत वाली ट्यूबवेल पुनर्भरण तकनीक

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Authors

  • नवाब सिंह केवीके, भरतपुर (राजस्थान)
  • पी.पी. रोहिल्ला केवीके, भरतपुर (राजस्थान)
  • दिलीप मातवा केवीके, भरतपुर (राजस्थान)
  • जे.पी. मिश्रा केवीके, भरतपुर (राजस्थान)

Abstract

जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक घटना है, जो मानव और पृथ्वी के सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। इसके कारण उत्पन्न होने वाली विभिन्न प्रतिकूल घटनाओं जैसे-सूखा, बाढ़, चक्रवात, अत्यधिक गर्मी और शीतलहर आदि की वजह से भारतीय कृषि भी प्रभावित हो रही है। भारत में कुल उत्सर्जित होने वाली ग्रीनहाउस गैसों में कृषि का लगभग 14 प्रतिशत योगदान है। जलवायु परिवर्तन से देश में लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा और आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। कृषि में जल की बहुत ही अहम भूमिका है। भूजल की उपलब्धता जलवायु परिवर्तन के कारण विशेषतः निम्न वर्षा और उच्च भूजल वाले क्षेत्रों में प्रभावित हो रही है। देश में हाल ही के दशकों में सिंचाई के लिए भूजल उपयोग में अप्रत्याशित बृद्धि देखी गई है।

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Published

2024-04-09

How to Cite

नवाब सिंह, पी.पी. रोहिल्ला, दिलीप मातवा, & जे.पी. मिश्रा. (2024). कम लागत वाली ट्यूबवेल पुनर्भरण तकनीक. खेती, 76(11), 37-40. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1017