शून्य जुताई से गेहूं उत्पादन

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Authors

  • सूरज कुमार नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
  • अरविन्द कुमार सिंह नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
  • आनंद कुमार नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
  • तेजस्विनी कपिल नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
  • अंशु गंगवार नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
  • अंजनी कुमार नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नालंदा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर

Abstract

आज के समय में गेहूं की खेती करते समय किसान जुताई अगर शून्य के बराबर करके करें, तो अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। शून्य जुताई से गेहूं की बुआई एक अनोखी तकनीक है, जिसका नाम है जीरोटिलेज। इसमें बुआई के लिए सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन व हैप्पी सीडर मशीनों का उपयोग किया जाता है। इन मशीनों से किसान बाजरा, कपास, धान, सोयाबीन आदि की फसलों की कटाई करते ही तुरंत पलेवा करके गेहूं की बुआई सीधे खेत में कर सकते हैं। इस तकनीक से जो समय जुताई आदि में लगता है, उसे बचाया जा सकता है।

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Published

2024-04-09

How to Cite

सूरज कुमार, अरविन्द कुमार सिंह, आनंद कुमार, तेजस्विनी कपिल, अंशु गंगवार, & अंजनी कुमार. (2024). शून्य जुताई से गेहूं उत्पादन. खेती, 76(11), 46-47. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1020