भारतीय ग्रामीण युवाओं का सशक्तिकरण

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Authors

  • राजेश टी. भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे
  • तुषार अठारे भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे
  • एस.के. राॅय भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे
  • महेश बी. जाधव भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे

Abstract

आर्या परियोजना, युवाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से कृषि क्षेत्रा को पिफर से जीवंत करने की दिशा में एक कदम है। युवाओं की अनूठी आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को संबोधित करके, यह परियोजना एक पुनर्जीवित और नवीन कृषि परिदृश्य के बीज बो रही है। जैसे-जैसे आर्या परियोजना अपनी पहुंच और प्रभाव का विस्तार कर रही है, यह न केवल कृषि की धारणा को परिवर्तित कर रही है, बल्कि भारत को सतत ग्रामीण विकास, तकनीकी उन्नति और आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर होने के लिए भी प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर, आर्या परियोजना कृषि के बारे में धारणाओं को बदलने, इसे एक आकर्षक और गतिशील रोजगार विकल्प बनाने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि युवा, कृषि क्षेत्रा में नवाचार और विकास को संचालित करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से सुसज्जित हों।

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Published

2024-04-09

How to Cite

राजेश टी., तुषार अठारे, एस.के. राॅय, & महेश बी. जाधव. (2024). भारतीय ग्रामीण युवाओं का सशक्तिकरण. खेती, 76(11), 52-53. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1022