श्रीअन्न फसलों का गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन

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Authors

  • विशाल त्यागी भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • मोना नगरगडे भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • राजीव कुमार सिंह भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • प्रवीन कुमार उपाध्याय भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • आदर्श कुमार भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ-275103 (उत्तर प्रदेश)

Abstract

भारत में लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या को पर्याप्त आहार के साथ-साथ पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध करवाना एक प्रमुख चुनौती है। यहां की बड़ी आबादी में मुख्यतः शिशु एवं महिलाएं पोषण की कमी से जूझ रहे हैं। खान-पान में पोषण की कमी इसकी एक प्रमुख वजह है। आहार में श्रीअन्न फसलों को शामिल कर, इस समस्या का निदान किया जा सकता है। आज सभी स्तरों पर इन पफसलों के क्षेत्रापफल तथा उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की कम उपलब्धता उत्पादन को कम करने वाले कारणों में सबसे महत्वपूर्ण है। अतः इन फसलों को किसानों के लिए लाभप्रद बनाने तथा इनका उत्पादन बढ़ाने के लिए गुणवत्तायुक्त बीजों का प्रयोग करनर अत्यंत आवश्यक है।

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Published

2024-06-19

How to Cite

विशाल त्यागी, मोना नगरगडे, राजीव कुमार सिंह, प्रवीन कुमार उपाध्याय, & आदर्श कुमार. (2024). श्रीअन्न फसलों का गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन. खेती, 77(1), 5-6. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1128